LOGIN / REGISTER
Wednesday, September 23, 2026
Home » मढ़ी-बंजारी में 80 लाख रुपये के बकाया भुगतान पर लिखित समझौता, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की पहल से बनी सहमति

मढ़ी-बंजारी में 80 लाख रुपये के बकाया भुगतान पर लिखित समझौता, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की पहल से बनी सहमति

by wiew chhattisgarh

मढ़ी-बंजारी, धरसीवां। गौरी गणेश कंपनी, मढ़ी-बंजारी में ठेकेदार राधेश्याम साहू के करीब 80 लाख रुपये के लंबे समय से लंबित भुगतान के मामले में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना तिल्दा-नेवरा खड़ की पहल के बाद महत्वपूर्ण समाधान सामने आया है। संगठन द्वारा लगातार मामले को उठाते हुए कंपनी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष बकाया भुगतान की मांग रखी गई।

मामले के समाधान को लेकर धरसीवां थाना प्रभारी, तहसीलदार, गौरी गणेश कंपनी प्रबंधन और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना तिल्दा-नेवरा खड़ के प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में बकाया भुगतान को लेकर चर्चा हुई, जिसके बाद पक्षों के बीच सहमति बनाते हुए लिखित समझौता तैयार किया गया।

 

दो दिनों में 40 लाख रुपये देने पर सहमति…

 

लिखित समझौते के अनुसार, ठेकेदार राधेश्याम साहू की लगभग 80 लाख रुपये की बकाया राशि में से 40 लाख रुपये आगामी दो दिनों के भीतर भुगतान किए जाने पर सहमति बनी है। वहीं, बची हुई राशि का भुगतान एक माह के भीतर करने की बात कंपनी प्रबंधन द्वारा स्वीकार की गई है।

 

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना तिल्दा-नेवरा खड़ का कहना है कि किसी भी ठेकेदार या श्रमिक द्वारा किए गए कार्य के एवज में उसका भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। संगठन ने दावा किया कि इस मामले में लगातार आवाज उठाकर कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के समक्ष भुगतान का मुद्दा रखा गया, जिसके बाद लिखित समाधान सामने आया।

 

समय-सीमा में भुगतान नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई…

 

संगठन ने कहा कि लिखित समझौते में तय समय-सीमा के अनुसार पूरी बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है, तो छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना तिल्दा-नेवरा खड़ द्वारा मामले को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य काम करने वाले ठेकेदारों और श्रमिकों को उनके मेहनत के भुगतान के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।

 

नोट: बकाया राशि और भुगतान की समय-सीमा से संबंधित जानकारी संगठन द्वारा जारी प्रेस वार्ता में बताए गए लिखित समझौते के आधार पर है।

You may also like